छत्तीसगढ़
फर्जी दस्तावेज दिखाकर लिया 15 लाख रुपये, डीमैट फ्रॉड मामले में आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
17 Sept 2026 9:09 PM IST

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Durg. दुर्ग। जिले के छावनी थाना क्षेत्र में शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड लोन व्यवसाय के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक व्यक्ति से 15 लाख रुपये लेकर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड लोन व्यवसाय से जुड़ा व्यक्ति बताकर पीड़ित का विश्वास हासिल किया था। इसके बाद उसकी पत्नी के नाम पर डीमैट खाता खुलवाकर शेयर जमा करने का झांसा दिया गया।
डीमैट खाते के नाम पर लिया पैसा
पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता अभिषेक जैन निवासी मैत्री नगर, रिसाली भिलाई ने 17 सितंबर 2026 को थाना छावनी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि मार्च 2024 में आरोपी यतेंद्र सिंह डहरिया उर्फ शिबू ने खुद को मोतीलाल ओसवाल का ब्रोकर और गोल्ड लोन व्यवसाय से जुड़ा व्यक्ति बताया। आरोपी ने शिकायतकर्ता की पत्नी निकिता जैन के नाम से डीमैट खाता खुलवाया और CDSL में शेयर जमा करने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि इसके लिए आरोपी ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर शिकायतकर्ता से 15 लाख रुपये की राशि प्राप्त कर ली।
जांच में सामने आए अन्य तथ्य
शिकायत के आधार पर थाना छावनी पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को कुछ अन्य तथ्यों की जानकारी भी मिली। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता के परिचित विक्की सिंह संधू, विश्वजीत सिकदार और माधव ताण्डी द्वारा गोल्ड लोन के लिए गिरवी रखे गए आभूषणों को अन्यत्र बेचने संबंधी आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
आरोपी को बिलासपुर से किया गिरफ्तार
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आरोपी यतेंद्र सिंह डहरिया उर्फ शिबू की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान: यतेंद्र सिंह डहरिया उर्फ शिबू (33 वर्ष) निवासी समकृष्णनगर, मोपका, चौकी मोपका, थाना सरकंडा, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय दुर्ग के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस तरह करता था धोखाधड़ी
पुलिस जांच के अनुसार आरोपी पहले शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड लोन व्यवसाय से जुड़े होने का दावा कर लोगों का भरोसा जीतता था। इसके बाद डीमैट खाता खुलवाने, शेयर जमा कराने और निवेश से लाभ दिलाने का झांसा देकर पैसे लेता था। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए आर्थिक धोखाधड़ी की गई।
पुलिस ने लोगों से की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि शेयर ट्रेडिंग, डीमैट खाता, गोल्ड लोन या किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले संबंधित व्यक्ति या संस्था की अधिकृतता और दस्तावेजों की जांच जरूर करें। पुलिस ने कहा कि किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि या धोखाधड़ी की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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